कैसे इस्तेमाल करें – GST कैलकुलेटर
- अगर रकम टैक्स से पहले की है तो GST जोड़ें चुनें, और अगर रकम में GST पहले से है तो GST हटाएँ चुनें।
- रकम लिखें।
- GST दर चुनें, या कोई भी दर लिखने के लिए “अन्य दर” चुनें।
- बिक्री राज्य के अंदर (CGST + SGST) है या दूसरे राज्य में (IGST), यह चुनें ताकि सही बँटवारा दिखे।
फ़ॉर्मूला
- एक ही राज्य में बिक्री पर GST दो बराबर हिस्सों में बँटता है: CGST = SGST = GST ÷ 2।
- दूसरे राज्य में बिक्री (या आयात) पर पूरी रकम IGST के रूप में लगती है।
उदाहरण: 18% GST जोड़ना और हटाना
जोड़ना: ₹10,000 की सेवा + 18% GST → GST = ₹1,800, कुल = ₹11,800। राज्य के अंदर यह ₹900 CGST + ₹900 SGST होता है।
हटाना: 18% GST सहित ₹11,800 का बिल → मूल रकम = 11,800 × 100 ÷ 118 = ₹10,000, और GST = ₹1,800।
कई लोग ₹11,800 का 18% (₹2,124) निकालने की ग़लती करते हैं। इससे टैक्स ज़्यादा गिना जाता है – GST सहित रकम हो तो हमेशा 118 से भाग दें।
भारत में GST दरें
22 सितंबर 2025 से लागू GST दरों के सरलीकरण के बाद ज़्यादातर वस्तुएँ और सेवाएँ दो मुख्य स्लैब – 5% और 18% – में आती हैं, और चुनिंदा लग्ज़री व हानिकारक वस्तुओं पर विशेष 40% दर है। सोने-चाँदी पर 3% और कच्चे हीरे पर 0.25% जैसी विशेष दरें जारी हैं। पुराने बिलों में 12% या 28% भी दिख सकते हैं, इसलिए ये दरें भी कैलकुलेटर में रखी गई हैं।
दरें समय-समय पर बदलती हैं और सटीक HSN या SAC कोड पर निर्भर करती हैं, इसलिए अपनी वस्तु या सेवा की दर हमेशा CBIC की आधिकारिक वेबसाइट पर या टैक्स सलाहकार से जाँचें।
CGST, SGST और IGST को समझें
एक ही राज्य में बिक्री होने पर CGST केंद्र सरकार को और SGST (केंद्रशासित प्रदेशों में UTGST) राज्य सरकार को जाता है। दो राज्यों के बीच बिक्री पर IGST लगता है, जो केंद्र और उस राज्य के बीच बँटता है जहाँ माल जाता है। दोनों तरह कुल टैक्स बराबर रहता है – सिर्फ़ बँटवारा बदलता है।